अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 2.38 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। इस मामले में एक महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी चैटजीपीटी और चीन से मंगाए गए सिक्योरिटी थ्रेड पेपर की मदद से 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट तैयार कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजयान ने बताया कि 18 मार्च को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि सातों आरोपी मिलकर बड़े स्तर पर नकली भारतीय करेंसी की छपाई और तस्करी में लगे हुए थे। इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी विस्तृत जानकारी साझा की गई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने चीन से उच्च गुणवत्ता वाला कागज और अन्य सामग्री मंगाई थी, जिसमें पहले से कुछ सुरक्षा फीचर्स मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने औद्योगिक स्तर के प्रिंटर को कॉन्फ़िगर करने और प्रिंटिंग क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल किया। मुख्य आरोपी मुकेश थुम्मर की इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका बताई जा रही है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस रिमांड की तैयारी की जा रही है।
आगे की कार्रवाई में सूरत में भी छापेमारी की गई, जहां से 28 लाख रुपये के नकली नोट, प्रिंटिंग सामग्री और मशीनें बरामद की गईं। एजेंसियों का कहना है कि इस कार्रवाई से देश की वित्तीय प्रणाली को बड़ा खतरा टल गया है, क्योंकि उच्च गुणवत्ता की नकली करेंसी अर्थव्यवस्था और आम लोगों के भरोसे पर असर डाल सकती है।